Bihar Librarian Recruitment Stuck Again, Posts to be Created in a New Way

बिहार के स्कूलों में वर्षों से रुकी पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian) बहाली प्रक्रिया एक बार फिर फंस गई है। जिस बहाली से हजारों अभ्यर्थियों को नौकरी की उम्मीद जगी थी, वह अब फिर से अनिश्चितता में चली गई है। हालांकि सरकार अब नए तरीके से पद सृजन (Post Creation) की योजना पर काम कर रही है।


खबर के अनुसार, राज्य में इस समय लगभग 4500 पुस्तकालयाध्यक्ष पद रिक्त हैं। ये पद वर्ष 2010 में उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विस्तार के दौरान सृजित किए गए थे, लेकिन अब तक इन पर नियमित बहाली नहीं हो सकी।

उस समय राज्य में लगभग 6000 उच्च माध्यमिक विद्यालय थे, जिनमें पुस्तकालयाध्यक्ष पद का प्रावधान किया गया था, लेकिन वर्तमान में भी बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।


राज्य में लगभग 14 वर्षों से पुस्तकालयाध्यक्षों की नियमित बहाली नहीं हुई है।
2008 के बाद से कोई बड़ी नियुक्ति प्रक्रिया नहीं हो सकी। बीच-बीच में बहाली की चर्चा जरूर हुई, लेकिन हर बार मामला अटकता रहा।

इसी कारण हजारों लाइब्रेरी साइंस पास अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।


पिछले वर्ष बनी शिक्षक नियुक्ति नियमावली की तर्ज पर पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए भी नियमावली तैयार की गई थी।
इससे यह उम्मीद बनी थी कि जल्द बहाली शुरू होगी, लेकिन अब यह प्रक्रिया फिर से अटक गई है।

मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि पुराने ढांचे के अनुसार पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार अब नए सिरे से पद सृजन (Fresh Post Creation) की योजना बना रही है।

अब बहाली इस आधार पर होगी कि:

जिन स्कूलों में वास्तव में पुस्तकालय की व्यवस्था उपलब्ध है

वहीं नए सिरे से पुस्तकालयाध्यक्ष पद सृजित किए जाएंगे

यानि पहले की तरह पुराने आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि वर्तमान स्थिति के अनुसार नए पद बनाए जाएंगे।

इससे प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित और व्यावहारिक होगी।


खबर के अनुसार, राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इस समय लगभग 1696 पुस्तकालयाध्यक्ष कार्यरत हैं।
जबकि हजारों स्कूल आज भी बिना स्थायी पुस्तकालयाध्यक्ष के चल रहे हैं।


Bachelor of Library Science (B.Lib) और Master of Library Science (M.Lib) पास अभ्यर्थियों के लिए यह खबर मिली-जुली है:

पुरानी बहाली प्रक्रिया फंस गई है

लेकिन नए तरीके से पद सृजन से भविष्य में स्थायी समाधान निकल सकता है

यदि सरकार नए सिरे से पद सृजित करती है, तो आगे चलकर बड़े पैमाने पर बहाली का रास्ता साफ हो सकता है।


पुस्तकालयाध्यक्ष बहाली फिलहाल अटक गई है, लेकिन अब सरकार नई व्यवस्था के तहत पद सृजन की ओर बढ़ रही है।
यह निर्णय आने वाले समय में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है, हालांकि अंतिम फैसला सरकार के आधिकारिक आदेश पर ही निर्भर करेगा।

अब सभी की नजर सरकार के अगले आधिकारिक फैसले पर टिकी है।

📌Disclaimer:-यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स एवं समाचार पत्रों के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही TechStudyBihar.in पर सबसे पहले अपडेट दिया जाएगा। ऐसी ही ताज़ा और सही खबरों के लिए TechStudyBihar.in से जुड़े रहें।

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